सिद्धार्थनगर
जहीर अहमद
20 वर्ष पूर्व यूपीए सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को साकार किया। ग्राम पंचायत को गांव स्तर की परियोजनाओं पर निर्णय लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया।जो कोविड-19 महामारी जैसे संकटों के दौरान ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुई।
भाजपा सरकार भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए गरिमा सुरक्षा और जीवन यापन की गारंटी इस कानून को कमजोर कर इसे खत्म करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है की जब तक मनरेगा को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता तब तक मनरेगा बचाने की लड़ाई सड़क से देकर संसद तक जारी रहेगी।
भाजपा के इस मजदूर विरोधी नियम के आते ही कांग्रेस ने 3 जनवरी 2026 से ही पूरे देश में मनरेगा बचाओ संग्राम शुरू कर दिया था। पिछले 1 महीने से जारी इस संग्राम में हम गांधीवादी तरीके से इस संवेदनहीन बदलाव का विरोध कर रहे हैं पूरे प्रदेश में 5000 से ज्यादा मनरेगा बचाओ चौपाल का आयोजन किया जा चुका है 13 फरवरी को सभी 75 जनपदों में मनरेगा बचाओ पदयात्रा की गई।
मनरेगा बचाओ संग्राम का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है जिसमें हम दिनांक 17 फरवरी 2026 को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेंगे और राज्य सरकार को बताएंगे की कैसे केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ कर आप पर बोझ डालकर खुद बच जाना चाह रही है हम यह बताएंगे की कैसे मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलाव संघीय ढांचे को कमजोर करने का एक अनुचित प्रयास है। कांग्रेस कार्यकर्ता आगामी 17 फरवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लखनऊ की तरफ कूच करेंगे और केंद्र की संवेदनहीन मोदी सरकार को जगाने का काम करेंगे ।
उक्त बातें कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने आज डुमरियागंज में पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकार साथियों से कहीं । पत्रकार वार्ता के दौरान जिला उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष रियाज़ मनिहार मौजूद रहे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें