मदद फाउंडेशन द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को किया गया जागरूक

सिद्धार्थनगर। 
जहीर अहमद
मदद फाउंडेशन द्वारा पट्रोल पम्प तिराहा एवं मोहाना चैराहे पर कैनओपी लगाकर लोगों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। 

लोगो को डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया ठगी, निवेश धोखाधड़ी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, केवाईसी घोटाला, ऑनलाइन जॉब स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड जैसे मामलों से बचाव के उपायों पर जागरूक किया गया।
एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल के जरिए डराया जाता है और उनसे धन उगाही की जाती है।उन्होंने ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत संबंधित थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी ।
सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया गया कि फर्जी प्रोफाइल बनाकर मित्रता कर आर्थिक मदद या निवेश का झांसा दिया जाता है। निवेश धोखाधड़ी के मामलों में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम ठग ली जाती है। फील्ड सुपरवाइजर बृजलाल यादव ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करें।
डेबिट और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से बचाव के लिए ओटीपी, सीवीवी और पिन किसी से साझा न करने की सलाह दी गई। केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल और संदेशों से सावधान रहने को कहा गया। ऑनलाइन जॉब स्कैम के तहत रजिस्ट्रेशन फीस या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि किसी भी कंपनी की सत्यता की जांच अवश्य करें।ऑनलाइन शॉपिंग और गेमिंग फ्रॉड के बारे में बताया गया कि केवल विश्वसनीय वेबसाइट और एप का ही उपयोग करें। किसी भी ऑफर या इनाम के लालच में बैंक विवरण साझा न करें।उक्त जागरूकता कार्यक्रम में उप निरीक्षक लक्ष्मण प्रसाद, भीम सिंह, मुख्य आरक्षी गंगेश सिंह, आरक्षी आषुतोष सिंह आदि शामिल रहे।

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