डॉ० सोनेलाल पटेल ने अपना पूरा जीवन समाज केे लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया- अनिल चौधरी * अनिल चौधरी के नेतृत्व में लखनऊ में डॉ० सोनेलाल पटेल की जयंती पर दिखा महा-शक्ति प्रदर्शन



जहीर अहमद
शोहरतगढ़,सिद्धार्थनगर।
अपना दल (एस) के संस्थापक और समाज के वंचित, पिछड़े, दलितों व किसानों के मसीहा डॉ० सोनेलाल पटेल की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में पार्टी ने एक विशाल शक्ति प्रदर्शन किया।
गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य ‘जन स्वाभिमान दिवस’ का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।विधानसभा क्षेत्र 302 शोहरतगढ़ से अनिल चौधरी के नेतृत्व में भारी संख्या में पहुंचे काफिले की कार्यक्रम में अहम भूमिका रही।


अपना दल (एस) के प्रदेश सचिव (शिक्षा प्रकोष्ठ) अनिल चौधरी के कुशल नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक विशाल जत्था सुबह ही लखनऊ के लिए रवाना हुआ।कार्यकर्ता कार, बस, जीप और विभिन्न वाहनों के लंबे काफिले के साथ, ढोल-नगाड़ों की थाप और जोशीले नारों के बीच कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डॉ० सोनेलाल पटेल के संघर्षों, विचारों, सामाजिक न्याय और किसान हित के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रदेश सचिव अनिल चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ० सोनेलाल पटेल ने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष और विचार आज भी लाखों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।जन स्वाभिमान दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सम्मान के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।”कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा डॉ० सोनेलाल पटेल के अधूरे सपनों को साकार करने का दृढ़ संकल्प लिया। शोहरतगढ़ से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में अशोक चौधरी, आशीष चौधरी, राजेश वर्मा, राम लुटावन वाल्मीकि, रोशन लाल चौहान, अनवर अली, देवेन्द्र यादव, मुन्नू मौर्य, अमित मौर्य, हनुमान प्रसाद, सन्तोष कुमार, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, अखिलेश त्रिपाठी ,इश्तियाक खान, शंकर सिंह और अन्य कार्यकर्ता |उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित इस विशाल शक्ति प्रदर्शन को अपना दल (एस) के संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ताओं के बढ़ते हुए प्रभाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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